कर्नाटक

सीजी मधुसूदन बने SUDA के नए चेयरमैन, 40 साल की उम्र में बनाया रिकॉर्ड

Kavita2
2 Oct 2026 10:38 AM IST
सीजी मधुसूदन बने SUDA के नए चेयरमैन, 40 साल की उम्र में बनाया रिकॉर्ड
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शिवमोग्गा। कर्नाटक सरकार ने सी.जी. मधुसूदन को शिवमोग्गा-भद्रावती अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (SUDA) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक के लिए की गई है। मधुसूदन ने गुरुवार को औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया। 40 वर्ष की उम्र में इस पद पर पहुंचने वाले मधुसूदन SUDA के इतिहास के सबसे कम उम्र के चेयरमैन बन गए हैं।

मधुसूदन की नियुक्ति के बाद शिवमोग्गा और भद्रावती क्षेत्र के शहरी विकास से जुड़े मुद्दों पर नई उम्मीदें जगी हैं। SUDA की जिम्मेदारी शहरों के नियोजित विकास, भूमि उपयोग, आवासीय योजनाओं, बुनियादी ढांचे और शहरी विस्तार से जुड़े मामलों को संभालने की होती है। ऐसे में नए चेयरमैन के सामने शहर की विकास जरूरतों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

सी.जी. मधुसूदन लंबे समय से कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक और संगठनात्मक जीवन की शुरुआत वर्ष 2002 में एनएसयूआई के माध्यम से की थी। छात्र राजनीति से सक्रिय हुए मधुसूदन धीरे-धीरे पार्टी संगठन में आगे बढ़े और युवाओं के बीच अपनी पहचान बनाई।

वर्ष 2010 में उन्हें शिमोगा जिला एनएसयूआई अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली थी। इस दौरान उन्होंने छात्र हितों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। एनएसयूआई के जरिए उन्होंने शिक्षा, युवाओं और छात्र समस्याओं से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया।

इसके बाद मधुसूदन का राजनीतिक सफर यूथ कांग्रेस से जुड़ा। हाल के वर्षों में उन्होंने युवा कांग्रेस के विभिन्न कार्यक्रमों और पार्टी आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी की। संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें कई जिम्मेदारियां भी दी गईं।

मधुसूदन ने कांग्रेस के ‘भारत जोड़ो’ अभियान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें इस अभियान का राज्य समन्वयक बनाया गया था। इस जिम्मेदारी के दौरान उन्होंने प्रदेश स्तर पर कार्यक्रमों के समन्वय, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।

SUDA के चेयरमैन के रूप में मधुसूदन की नियुक्ति को उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव और सक्रिय राजनीतिक भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी में छात्र संगठन से शुरुआत कर शहरी विकास प्राधिकरण के शीर्ष पद तक पहुंचना उनके राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

पदभार संभालने के बाद मधुसूदन के सामने शिवमोग्गा और भद्रावती के शहरी विकास से जुड़े कई मुद्दे होंगे। तेजी से बढ़ती आबादी, नई कॉलोनियों का विकास, यातायात व्यवस्था, आवासीय विस्तार और आधारभूत सुविधाओं के लिए योजनाबद्ध नीति तैयार करना SUDA की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।

शिवमोग्गा शहर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है। नए आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सड़क परियोजनाओं के कारण शहर का दायरा बढ़ा है। ऐसे में नियोजित विकास और भूमि उपयोग से जुड़े फैसले काफी महत्वपूर्ण हो गए हैं।

भद्रावती में भी औद्योगिक और आवासीय जरूरतों के बीच बेहतर शहरी योजना की आवश्यकता बनी हुई है। नए चेयरमैन के सामने दोनों शहरों के विकास को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।

SUDA के माध्यम से कई विकास योजनाओं और लेआउट परियोजनाओं को मंजूरी दी जाती है। इसके अलावा भविष्य की शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान और अन्य विकास योजनाओं पर भी काम किया जाता है। मधुसूदन की नियुक्ति के बाद इन परियोजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

40 साल की उम्र में इस पद पर नियुक्ति ने मधुसूदन को खास पहचान दिलाई है। SUDA के इतिहास में उनसे कम उम्र का कोई व्यक्ति चेयरमैन पद पर नहीं रहा है। इस उपलब्धि को उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता युवा नेतृत्व को दी गई जिम्मेदारी के रूप में देख रहे हैं।

सरकार ने उनकी नियुक्ति अगले आदेश तक के लिए की है। इसका मतलब है कि वह सरकार के निर्देश के अनुसार इस पद पर बने रहेंगे। नियुक्ति आदेश जारी होने के तुरंत बाद उन्होंने पद संभाल लिया और प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ शुरुआती बैठक भी की जा सकती है।

मधुसूदन के समर्थकों को उम्मीद है कि छात्र राजनीति और युवा संगठन में सक्रिय रहने का उनका अनुभव शहरी विकास की योजनाओं में भी उपयोगी साबित होगा। युवाओं से संवाद और संगठनात्मक समन्वय की क्षमता को उनकी बड़ी ताकत माना जा रहा है।

नए चेयरमैन के रूप में मधुसूदन की प्राथमिकताओं पर अब सभी की नजर रहेगी। शहरी विकास, यातायात, नई आवासीय परियोजनाएं और सार्वजनिक सुविधाएं ऐसे मुद्दे हैं जिन पर आने वाले समय में SUDA को कई अहम फैसले लेने होंगे।

फिलहाल सरकार की ओर से नियुक्ति आदेश जारी होने और पदभार संभालने के साथ ही सी.जी. मधुसूदन ने आधिकारिक रूप से नई जिम्मेदारी संभाल ली है। छात्र संगठन से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले मधुसूदन अब शिवमोग्गा-भद्रावती के शहरी विकास की दिशा तय करने वाले प्रमुख पद पर पहुंच गए हैं।

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